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गुरुवार, 11 सितंबर 2008
रिमझिम-रिमझिमकिश्तों -किश्तों में बारिश,
नई स्फूर्ति,
नया उत्साह ,
एकदम धुला-धुला सा आसमां,
एक मुट्ठी किरण,कुछ सौधी सी ,
मिट्टी की महक,
मन जागा-जागा सा,
कुछ और नहीं ,
ये आगमन है,बारिश का।।
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