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गुरुवार, 11 सितंबर 2008
अन्तरमन
सोचता हूँ ,
क्या है अन्तरमन ?
औरक्या
है बाह्यमन?
मन तो है-केवल मन,
चंचल है,
उच्छल है,
एकाग्र है,
गंभीर है।मेरा मन ,
तेरा मन।
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